मध्य प्रदेश में घूमने की 4 सबसे बेहतरीन जगहें (MP Travel Guide)

मध्य प्रदेश जिसे हम भारत का दिल भी कह सकते हैं यह भारत के सबसे मध्य स्थान में स्थित है और यहां घूमने की पास सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत जगह के बाद आज हम इस आर्टिकल में जाने वाले हैं खजुराहो से लेकर पचमढ़ी तक इस संपूर्ण ट्रैवल गाइड में पूरी जानकारी

भारत के दिल यानी मध्य प्रदेश की विविधता और खूबसूरती किसी से छुपी नहीं है पिछले मेरे कुछ सालों के अनुभव और देश दुनिया के बहुत से हिस्सों में घूम कर मैं यहां महसूस किया है कि क्यों ऐतिहासिक धरोहर और जो संस्कृत गहराई साथ में ही प्राकृतिक सुंदरता मध्य प्रदेश में देखने को मिलती है वह और कहीं देखने को नहीं मिलती मध्य प्रदेश भारत की एक बेहद खास पर्यटन स्थल में शामिल है

को भी रेफर कर सकते हैं।

1. खजुराहो (Khajuraho) – वास्तुकला का अद्भुत चमत्कार

जब भी मध्य प्रदेश में कहीं भी घूमने की बात होती है तो खजुराहो का नाम सबसे ऊपर आता है यह स्थान पूरी दुनिया भर में अपने कलात्मक मंदिरों और प्राचीन मंदिरों के लिए बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है यूनेस्को की धरोहर स्थल में शामिल यह खजुराहो के मंदिर भारतीय वास्तु कला और मूर्ति कला का एक बहुत ही अच्छा उदाहरण है इस मंदिर का निर्माण राजा चंदेल राजवंश द्वारा 950 से लेकर 1050 ई के बीच में हुआ था

  • मुख्य आकर्षण: यहां पर आपको कंदरिया महादेव मंदिर जो की सबसे प्रसिद्ध और सबसे बड़ा मंदिर है इसके अलावा चतुर्भुज मंदिर और विश्वनाथ मंदिर इसके साथ में ही लक्ष्मण मंदिर की नक्काशी पर्यटकों को बहुत ही अपनी और आकर्षित करती है यहां पर शाम को लाइट शो और साउंड शो भी होते हैं जो की इतिहास को बहुत ही अच्छी तरीके से बताते हैं
  • घूमने का सही समय: अगर आप यहां घूमने जाना चाहते हैं तो आपको अक्टूबर से लेकर मार्च के बीच खजुराहो घूमने के लिए जाना चाहिए इस दौरान यहां का मौसम बहुत ही अच्छा होता है
  • कैसे पहुंचें: अगर आप यहां जाना चाहते हैं तो इसके लिए खजुराहो रेलवे स्टेशन है और बता दो कि खजुराहो का अपना हवाई अड्डा है जो कि सीधा वाराणसी और दिल्ली से जुड़ा हुआ है

2. उज्जैन (Ujjain) – महाकाल की नगरी

भक्ति और आध्यात्मिक की ऊर्जा आपको उज्जैन में महसूस करने को मिलती है वह आपको और कहीं नहीं मिलती शिप्रा नदी की पास में बस यह उज्जैन भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र शहरों में से एक है यहां पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक चीज हम महाकालेश्वर कहते हैं वह यही स्थिति है यहां पर हर 12 साल में विश्व का प्रसिद्ध सिंहस्थ कुंभ मेला का आयोजन भी होता है

  • मुख्य आकर्षण: उज्जैन में सबसे प्रमुख केंद्र श्री महाकालेश्वर मंदिर है जहां की भस्म आरती पूरी दुनिया में बहुत ज्यादा मशहूर है और साथ में ही बता दो की शिवजी का दूसरा मंदिर यहां पर स्थित है जिसे हम काल भैरव मंदिर कहते हैं और यहां पर और भी मंदिर है जैसे हरि सिद्ध माता मंदिर आश्रम और रामघाट पर यहां हर शाम को आरती होती है जो आपको एक भक्ति के अलग ही अनुभव करती है
  • घूमने का सही समय: साल भर में आपको उज्जैन कभी भी जा सकते हैं लेकिन अगर आप अक्टूबर से लेकर मार्च के समय में जाते हैं तो यहां पर आपको महाशिवरात्रि साथ में ही सावन के महीने में यहां की रौनक बहुत ही ज्यादा आपको अपनी और आकर्षित करती है
  • कैसे पहुंचें: उज्जैन जंक्शन आपके पूरे देश के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जुड़ता है और सबसे निकटतम यहां पर आपको हवाई अड्डा इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देखने को मिलता है जो कि यहां से 55 किलोमीटर दूर है

3. पचमढ़ी (Pachmarhi) – सतपुड़ा की रानी

अगर आपको लगता है कि मध्य प्रदेश में सिर्फ देखने के लायक मंदिर और केले है तो आप गलत है अगर आप यहां पर पचमढ़ी जैसा क्षेत्र देखते हैं तो आपकी सोच पूरी तरीके से बदल जाती है जिसे हम सतपुड़ा की रानी भी कहते हैं यह मध्य प्रदेश में स्थित इकलौता हिल स्टेशन है जो की समुद्र तट से लगभग और लगभग 1666 मीटर ऊंचाई पर स्थित है यहां पर आपको गहरी खाया घने जंगल और साथ में ही शानदार झरने और प्राकृतिक के बहुत ही मस्त-मस्त नजारे देखने को मिलेंगे जो आपका दिल जीत सकते हैं

  • मुख्य आकर्षण: बी फॉल (Bee Fall), डचेस फॉल (Duchess Fall) और जटाशंकर गुफाएं यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा धूपगढ़ (मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी) से सनराइज और सनसेट का नजारा देखना एक ऐसा अनुभव है जिसे आप कभी नहीं भूल पाएंगे।
  • घूमने का सही समय: पचमढ़ी घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून के बीच है। गर्मियों में भी यहाँ का मौसम मैदानी इलाकों के मुकाबले काफी ठंडा और आरामदायक रहता है।
  • कैसे पहुंचें: निकटतम रेलवे स्टेशन पिपरिया (Pipariya) है, जो यहाँ से लगभग 47 किलोमीटर दूर है। पिपरिया से पचमढ़ी के लिए बस और प्राइवेट टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं। निकटतम हवाई अड्डा भोपाल है।

4. ग्वालियर (Gwalior) – किलों और महलों का शहर

भारतीय राजपूताना वी सिंधिया राजवंश की शौर्य कथा को बहुत ही गहराई में जानने के लिए ग्वालियर से बेहतरीन स्थान कोई हो ही नहीं सकता यहां पर भारत के इतिहास के बारे में आपको बहुत अच्छी जानकारी प्राप्त होती है यह अपने शानदार महलों और विशाल किलो साथ में ही संगीत के समृद्ध परंपरा (तानसेन की नगरी) के लिए विश्व प्रसिद्ध है

  • मुख्य आकर्षण: ग्वालियर में स्थित जिसे हम ग्वालियर फोर्ट कहते हैं उसे मुगल सम्राट बाबर नाम भारत के किलो के गले का मोती कहा था और यह ग्वालियर का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है इसके अंदर आपको सास बहू मंदिर और साथ में ही मानती है पैलेस देखने को मिलता है इसके अलावा इसके अंदर तानसेन का मकबरा, यह विलास पैलेस, और साथ में ही सूर्य मंदिर जो पर्यटकों को बहुत लुभाते हैं अपनी और
  • घूमने का सही समय: ग्वालियर का तापमान आपको गर्मियों के समय में 45 डिग्री तक पहुंचता दिखेगा इसलिए आप यहां पर गर्मियों में ना आकर अक्टूबर से मार्च के बीच यहां पर आईए
  • कैसे पहुंचें: ग्वालियर में स्थित ग्वालियर जंक्शन जो कि दिल्ली और चेन्नई में रेलवे लाइन पर स्थित है जिससे कि यहां पर ट्रेन से पहुंचना बहुत ही आसान है और बता दूं कि ग्वालियर में अपना राजमाता विजय राज्य सिंधिया हाईवे अड्डा भी स्थित है

निष्कर्ष (Conclusion)

आपको बता दूं कि मध्य प्रदेश के अंदर केवल यह चार जगह ही नहीं है यहां पर आप घूम सकते हैं लेकिन अगर आप पहली बार मध्य प्रदेश जा रहे हैं तो आप इन चार जगह में से किसी एक जगह पर शुरुआत कर सकते हैं खजुराहो की कला, पचमढ़ी की शांति, उज्जैन की भक्ति, ग्वालियर का इतिहास, यह सभी स्थान आपकी यात्रा को बहुत ही यादगार अनुभव देगा जिसे आप अपनी पूरी उम्र नहीं भूलूंगे

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